Short Essay On Cricket In Hindi

Cricket information in hindi

क्रिकेट बल्ले और गेंद से मैदान में खेला जाने वाला खेल है। इसमें 11-11 खिलाड़ियों की दो टीमें होती हैं। दोनों ही टीमें एक-दूसरे के खिलाफ एक बार बैटिंग और एक बार बॉलिंग करती हैं। अधिक रन बनाने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है। कभी-कभी विजेता टीम का निर्णय विकेट से भी किया जाता है। 
 क्रिकेट खेलने का तरीका : मैदान के बीचोबीच 22 गज लम्बाई और 10 फुट चौड़ाई की एक पिच होती है। जिसके दोनों ओर लगभग 28 इंच लम्बाई के स्टंप लगे होते हैं। साथ ही किसी भी प्रकार का निर्णय देने के लिए मैदान में दो अम्पायर होते है। मैच के दौरान एक टीम बल्लेबाजी तो वहीँ दूसरी टीम गेंदबाजी और फील्डिंग करती है। स्टंप की रक्षा बल्लेबाज अपने बल्ले से करता है। जब गेंदबाज तेजी से दौड़ता हुआ बॉल को बल्लेबाज की और फेंकता है तो बल्लेबाज को बाल को अपने बल्ले से रोकना होता है। बल्ले से टकराने पर जब बाल दूर जाती है इसी बीच बल्लेबाजों को दौड़कर तेजी से रन लेना होता है। वहीँ गेंदबाजी करने वाली टीम का उद्देश्य रनों को  बल्लेबाजों  आउट करना होता है। 

अपने विकेट की रक्षा करने के लिए बल्लेबाज लकड़ी के बल्ले का प्रयोग करता है। फील्डिंग करने वाली टीम के  सदस्य मैदान में अलग-अलग जगह अपनी स्थिति लिए होते हैं, इसी टीम का एक सदस्य गेंदबाजी करवाता है। ये खिलाड़ी बल्लेबाज को रन बनाने से रोकने के लिए गेंद को पकड़ने का प्रयास करते हैं। और बॉल को स्टंप पर फेंककर या बॉल को हवा में ही कैच करके बल्लेबाज को आउट करने का प्रयास करते हैं। बल्लेबाज यदि आउट नहीं होता है तो वो विकेटों के बीच में भाग कर दूसरे बल्लेबाज ("गैर स्ट्राइकर") से अपनी स्थिति को बदल सकता है, जो पिच के दूसरी ओर खड़ा होता है। इस प्रकार एक विकेट से दुसरे विकेट एक दौड़कर बल्लेबाज रन बनाते हैं। एक बार दौड़ पूरी होने पर एक रन बन जाता है। कई बार ऐसा भी होता है की बॉल बिना किसी की पकड़ में आये सीधे बॉउंड्री लाइन तक पहुँच जाती है, ऐसी स्थिति में सीधे 4 रन बन जाते हैं इसे ही चौका कहते हैं। और जब बॉल बिना जमीन को छुए हवा में ही सीधे बॉउंड्री को पार करती है तो 6 रन माने जाते हैं इसे छक्का कहते हैं। 


मैच के प्रकार : क्रिकेटके कई प्रारूप है जैसे टेस्ट क्रिकेट, वन-डे क्रिकेट और 20-20 क्रिकेट आदि। 

  • टेस्ट क्रिकेट को प्रथम श्रेणी का क्रिकेट भी कहा जाता है इसमें केवल वो ही देश खेल सकते हैं जो आई.सी.सी के पूर्ण सदस्य होते हैं। इसमें खेले जाने वाले मैचों की समयावधि अधिक होती है। 
  • वन-डे मैच को सीमित अवधि का क्रिकेट मैच भी कहते हैं। इसे एक दिवसीय मैच भी कहते है क्योंकि एक मैच की अवधि केवल एक दिन होती है। इसमें ओवरों की संख्या 50 होती है। पहला एक दिवसीय मैच 1971 में खेला गया। 
  • 20-20 मैच : यह क्रिकेट का एक नया प्रारूप है जो हाल ही में देखने को मिला। नाम से ही पता चलता है की इसमें ओवरों की संख्या 20 होती है। 20-20 विश्वकप और आई.पी.एल इसका उदाहरण है। 
क्रिकेट का इतिहास : क्रिकेट का सबसे पहला उल्लेख 1598 ई में मिलता है तब इसे क्रिकेट न कहके क्रिक्केट कहा जाता था। इसे बच्चे खेला करते थे परन्तु धीरे-धीरे बड़ों ने  भी इसमें दिलचस्पी ली और ये खेल मशहूर होता गया। अगर शाब्दिक दृष्टि से देखें तो तो क्रिकेट शब्द की उत्पत्ति क्रीक शब्द से हुई है जिसका मतलब होता है छड़ी। और क्रिकेट का मतलब हुआ छड़ी से खेला जाने वाला खेल। यही छड़ी आगे चलकर बल्ले में तब्दील हो गयी। वहीँ भारत में क्रिकेट की शुरुआत ईस्ट इंडिया कम्पनी के आने के बाद 1761 ई में बड़ौदा के पास मानी जाती है।  होता हुआ यह खेल पाकिस्तान, श्री लंका, बांग्लादेश आदि देशों में पहुँच गया। 

क्रिकेट से सम्बंधित रोचक बातें 

  1. क्रिकेट फुटबॉल के बाद दूसरा ऐसा खेल है जो विश्व में सबसे ज्यादा खेला जाता है। 
  2. सुनील गावस्कर विश्व के ऐसे पहले ऐसे बल्लेबाज है जिन्होंने टेस्ट मैच में 10,000 रन का आंकड़ा छुआ था।
  3. ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारत में 1721 में बड़ोदा के केम्ब्रे में पहली बार क्रिकेट खेला था।
  4. पहला टेस्ट मैच 15 मार्च 1877 को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबॉर्न में खेला गया था जिसमे ऑस्ट्रेलिया जीता। 
  5. भारत ने पहला विश्व कप 1983 में जीता था और दूसरा वर्ल्ड कप 28 साल बाद महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2011 में जीता।
  6. सौरव गांगुली को वन-डे मैच में एक के बाद एक लगातार चार बार मन ऑफ़ द मैच का अवार्ड मिला था।
  7. ग्रैमी स्मिथ अकेले ऐसे खिलाडी है जिसने 100 से भी ज्यादा टेस्ट मैच में कप्तानी की है।

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क्रिकेट पर निबंध | Essay on Cricket in Hindi!

खेल मनोरंजन के साधन हैं । खेल से व्यायाम स्वत: ही हो जाता है । इससे शरीर सुगठित और मजबूत बनता है । हमारे देश भारत में जनक तरह के खेल खेले जाते हैं ।

जैसे- हॉकी, टेबल टेनिस, शतरंज, बॉली बाल, कबड्‌डी और फुटबॉल । इन सब खेलों में क्रिकेट सर्वाधिक लोकप्रिय होने के कारण राष्ट्रीय खेल सूची में सबसे ऊपर है । क्रिकेट इंग्लैण्ड से भारत में आया । अंग्रेज शासक भारतीय नवाबों और शासकों का ध्यान राजसत्ता से हटाने के लिए इस खेल को भारत में लाए जिससे ये शासक इस खेल में व्यस्त रहे और राजकार्य की और अधिक ध्यान न दे सकें ।

तब से आज तक इसकी लोकप्रियता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है । क्रिकेट मैच दो तरह के होते हैं । प्रथम- एक दिवसीय मैच और दूसरा पांच दिवसीय मैच । एक दिवसीय मैच में दोनों टीमें निश्चित ओवर फेंकती हैं और खेलती हैं । निर्णय भी उसी दिन हो जाता है । पांच दिवसीय मैच लम्बा चलता है । ओवरों की संख्या अनिश्चित होती है । मैच हार-जीत के निर्णय के बिना भी समाप्त हो जाता है।

क्रिकेट भारत, पाकिस्तान, इंग्लैण्ड, वेस्ट इंडीज, श्रीलंका, दक्षिण-अफ्रीका, न्यूजीलैंड आदि देशों में अत्यधिक लोकप्रिय है । इस खेल में अमीर-गरीब, नेता-अभिनेता, विद्यार्थी, कर्मचारी, अफसर, नर-नारी सभी रुचि रखते हैं । लोकप्रियता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि लोग सड़कों पर चलते हुए और यात्रा करते समय ट्रांजिस्टर कानों पर लगाए रहते हैं । स्कोर जानने के लिए रेडियों और टी॰वी॰ के पास ही खड़े रहते हैं । टिकटों के लिए लोग लम्बी-लम्बी कतारों में खड़े हुए दिखाई देते हैं ।

क्रिकेट का मुकाबला दो टीमों के बीच होता है । दोनों टीमों में ग्यारह-ग्यारह खिलाड़ी होते हैं । दो एम्पायर हरेते हैं, जो निर्णायक का काम करते हैं । खेलने के लिए मैदान बड़ा, समतल और साफ सुथरा होना चाहिए । पिच के दोनों तरफ तीन-तीन विकटें गड़ी होती हैं उनकी दूरी 22 गज होती है ।

गेंद और बल्ला (बैट) आवश्यक होते हैं । खेल का मैच टोस से प्रारम्भ होता है । दोनों टीमों के कप्तान को बुलाकर टॉस किया जाता है । जो कप्तान जीतता है उसकी इच्छा पर निर्भर करता है कि वह पहले खेले या गेंदबाजी करे । मैच प्रारम्भ होते ही गेंदबाजी करने वाली टीम के ग्यारह खिलाड़ी और खेलने वाली टीम के दो खिलाड़ी मैदान में उतरते हैं ।

गेंदबाज हर ओवर में छ: गेंद फेंकता है । आक्रामक गेंद (बाउंसर) फेंकने पर टीम को एक अतिरिक्त रन और एक अतिरिक्त गेंद खेलने को मिलती है । जिस ओवर में कोई रन नहीं बनता उसे ‘मेडन ओवर’ कहा जाता है । गेंदबाज तीन गेंदों पर लगातार तीन विकट ले तो उसे ‘हैट ट्रिक’ कहा जाता है ।

खिलाड़ी छक्का लगाए ता निर्णायक (एम्पायर) दोनों हाथ ऊपर की ओर खड़े कर देता है । चौका लगाए तो हाथ को आगे की ओर घुमाता है और आउट होने पर हाथ उठाकर एक अगुंली खड़ी कर देता है । निर्णायक के निर्णय का विरोध कोई खिलाड़ी नहीं करता । उसका निर्णय सब को मान्य होता है ।

रनों की गिनती करने के लिए एक स्कोर बोर्ड भी होता है जो रनों की सही-सही स्थिति बताता है । एक खिलाड़ी के आउट हो जाने पर दूसरा खिलाड़ी मैदान में पहुँच जाता है । दस खिलाड़ियों के आउट होने तक यही क्रम चलता रहता है । फिर दूसरी टीम खेलती है । आजकल एक दिवसीय मैच की लोकप्रियता सर्वाधिक है ।

क्रिकेट में खिलाड़ी को हर समय चौकन्ना, चुस्त, एकाग्र और सावधान रहना चाहिए । जीतने के लिए अन्तिम क्षण तक संघर्ष करना चाहिए । हमारे देश में रणजी ट्राफी, ईरानी कप आदि के लिए भी क्रिकेट मैच होते हैं । भारतीय टीम ने 1983 का वर्ल्ड कप जीतकर अपनी श्रेष्ठता दिखाई थी ।

क्रिकेट के खेल जगत में कई कीर्तिमान बने और कई टूटे हैं । सुनील गावस्कर ने डॉन ब्रडमन का और कपिल देव ने सर रिचर्ड हैडली के कीर्तिमान को तोड़कर क्रिकेट इतिहास में आपना नाम सबसे ऊपर लिखवा लिया है ।

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